Indian Army Agniveer Recruitment 2026: विस्तृत विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और राजस्थान एआरओ भर्ती परिदृश्य
भारतीय रक्षा क्षेत्र में मानव संसाधन प्रबंधन के इतिहास में अग्निपथ योजना का कार्यान्वयन एक क्रांतिकारी अध्याय रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जारी की गई भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती अधिसूचना न केवल एक नियमित भर्ती प्रक्रिया है, बल्कि यह इस योजना के परिपक्व होने का संकेत भी है। लगभग 25,000 रिक्तियों के साथ, यह भर्ती अभियान देश के युवाओं, विशेषकर राजस्थान जैसे पारंपरिक ‘मार्शल’ राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है।
इस विस्तृत शोध रिपोर्ट का उद्देश्य 13 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया का गहन, वैज्ञानिक और रणनीतिक विश्लेषण प्रदान करना है। हम न केवल आधिकारिक अधिसूचना के तथ्यों का परीक्षण करेंगे, बल्कि राजस्थान के विशिष्ट एआरओ (सेना भर्ती कार्यालय) – जयपुर, झुंझुनू, जोधपुर, अलवर और कोटा – के लिए इसके निहितार्थों का भी सूक्ष्म अध्ययन करेंगे।
यह भर्ती चक्र (Recruiting Year 2026-27) पिछले वर्षों की तुलना में तकनीकी और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। ‘अनुकूलनशीलता परीक्षण’ (Adaptability Test) और क्लर्क पदों के लिए ‘टाइपिंग टेस्ट’ का समावेश सेना की बदलती आवश्यकताओं को दर्शाता है, जो अब केवल शारीरिक क्षमता नहीं, बल्कि मानसिक लचीलेपन और तकनीकी दक्षता की भी मांग करती है।
Table of Contents ( इस पेज पर क्या है ?)
- 8th / 10th Pass (Tradesman/GD)
- 12th Pass (Tech/Clerk)
- ITI/Diploma (Bonus Marks)
- Online CEE (Written)
- PFT & PMT (Rally)
- Medical Test
- As per Agnipath Scheme
- (₹30,000 – ₹40,000 per month)
- Aadhaar Card
- 10th/12th Marksheet
- Photo & Signature
- Domicile/Caste Certificate
- All India
- (Specific focus on Rajasthan AROs)
2. भर्ती वास्तुकला और महत्वपूर्ण समयसीमा का विश्लेषण
भारतीय सेना की भर्ती प्रक्रिया अब एक बहु-स्तरीय निष्पादन प्रणाली (Multi-tiered Execution System) में परिवर्तित हो चुकी है। पारंपरिक ‘रैली-फर्स्ट’ मॉडल को त्यागकर ‘ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) फर्स्ट’ मॉडल को अपनाना एक रणनीतिक निर्णय है। इसका उद्देश्य प्रारंभिक चरण में ही शैक्षणिक रूप से सक्षम उम्मीदवारों को फ़िल्टर करना है, जिससे भर्ती रैलियों में भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता में सुधार हो सके।
2.1 चयन प्रक्रिया के चरण: एक तकनीकी अवलोकन
वर्ष 2026 के लिए चयन प्रक्रिया को तीन मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक एक “एलिमिनेशन राउंड” के रूप में कार्य करता है।
चरण I: ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE)यह प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। संपूर्ण भारत में एक साथ आयोजित होने वाली यह परीक्षा उम्मीदवारों के संज्ञानात्मक कौशल का परीक्षण करती है। 2026 चक्र के लिए, यह परीक्षा 1 जून 2026 से 15 जून 2026 के बीच निर्धारित की गई है। इस चरण में एक महत्वपूर्ण तकनीकी अद्यतन यह है कि अग्निवीर क्लर्क / स्टोर कीपर टेक्निकल के पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अब CEE के साथ ही एक ऑनलाइन टाइपिंग टेस्ट भी उत्तीर्ण करना होगा। यह बदलाव सेना के प्रशासनिक कैडर में डिजिटल साक्षरता और दक्षता की बढ़ती मांग को रेखांकित करता है।
चरण II: भर्ती रैली (Recruitment Rally)जो उम्मीदवार CEE की कट-ऑफ को पार करेंगे, केवल उन्हें ही इस चरण के लिए बुलाया जाएगा। इसमें शामिल हैं:शारीरिक दक्षता परीक्षण (PFT): 1.6 किलोमीटर की दौड़ और पुल-अप्स, जो धीरज और शक्ति का परीक्षण करते हैं।शारीरिक माप परीक्षण (PMT): ऊँचाई, वजन और छाती का माप।अनुकूलनशीलता परीक्षण (Adaptability Test): यह एक हालिया और अत्यंत महत्वपूर्ण जोड़ है। यह परीक्षण उम्मीदवार की मानसिक स्थिति और सैन्य जीवन की कठोरताओं के अनुकूल होने की क्षमता का आकलन करता है।
चरण III: चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination)रैली स्थल पर या निर्दिष्ट सैन्य अस्पतालों में आयोजित, यह चरण सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार सेवा के लिए चिकित्सकीय रूप से पूरी तरह फिट हैं।
2.2 महत्वपूर्ण तिथियों का डेटा विश्लेषण
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, समयसीमा का पालन करना अनिवार्य है। नीचे दी गई सारणी में 2026-27 चक्र के लिए महत्वपूर्ण तिथियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है:
| घटनाक्रम (Event) | निर्धारित तिथि (Scheduled Date) | रणनीतिक महत्व (Strategic Relevance) |
|---|---|---|
| अधिसूचना जारी होने की तिथि | 12-13 फरवरी 2026 | भर्ती चक्र की आधिकारिक शुरुआत। |
| ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ | 13 फरवरी 2026 | उम्मीदवारों को सर्वर लोड से बचने के लिए प्रारंभिक दिनों में ही आवेदन करना चाहिए। |
| ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि | 01 अप्रैल 2026 | इस तिथि के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। |
| ऑनलाइन CEE परीक्षा तिथि | 01 जून 2026 – 15 जून 2026 | तैयारी के लिए लगभग 60-70 दिनों का समय उपलब्ध है। |
| प्रवेश पत्र (Admit Card) उपलब्धता | परीक्षा से 10-15 दिन पूर्व | उम्मीदवारों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करनी चाहिए। |
| भर्ती रैली का आयोजन | अगस्त 2026 के बाद (अनुमानित) | CEE परिणाम के बाद जोन-वार तिथियां घोषित की जाएंगी। |
विश्लेषण: आवेदन की अवधि लगभग 45 दिनों की है, जो उम्मीदवारों को अपने दस्तावेज तैयार करने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करती है। हालांकि, परीक्षा जून के पहले पखवाड़े में होने का अर्थ है कि उम्मीदवारों को भीषण गर्मी के मौसम में यात्रा और परीक्षा के लिए तैयार रहना होगा।
3. पात्रता मापदंड: जनसांख्यिकीय और शैक्षणिक विश्लेषण
भारतीय सेना की पात्रता शर्तें “शून्य सहिष्णुता” (Zero Tolerance) की नीति पर आधारित हैं। आयु सीमा या शैक्षणिक योग्यता में किसी भी प्रकार की छूट (नियमों के बाहर) प्रदान नहीं की जाती है। 2026 की अधिसूचना में इन मापदंडों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
3.1 आयु सीमा का गणितीय विश्लेषण (Age Limit Calculation)
भर्ती वर्ष 2026-27 के लिए आयु सीमा की गणना एक संवेदनशील विषय है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उम्मीदवार की आयु 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- निर्धारित जन्म तिथि सीमा: उम्मीदवार का जन्म 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 (दोनों तिथियां शामिल) के बीच होना अनिवार्य है।
- स्पष्टीकरण: यदि किसी उम्मीदवार का जन्म 30 जून 2005 को हुआ है, तो वह ‘ओवरएज’ (Overage) माना जाएगा। इसी प्रकार, 02 जुलाई 2009 को जन्मा उम्मीदवार ‘अंडरएज’ (Underage) होगा। यह गणना मैट्रिक प्रमाण पत्र में दर्ज जन्म तिथि के आधार पर की जाती है।
3.2 पद-वार शैक्षणिक योग्यता: एक विस्तृत विवरण
शैक्षणिक योग्यता न केवल उत्तीर्ण होने के बारे में है, बल्कि इसमें विषयों के संयोजन और न्यूनतम प्रतिशत की बाध्यता भी है।
| पद का नाम (Post Name) | न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) | विषय और प्रतिशत की शर्तें (Subject & Percentage Rules) |
|---|---|---|
| अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD) | 10वीं / मैट्रिक पास | कुल मिलाकर 45% अंक और प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33% अंक अनिवार्य हैं। ग्रेडिंग सिस्टम वाले बोर्डों के लिए, C2 ग्रेड के समतुल्य होना चाहिए। |
| अग्निवीर टेक्निकल | 12वीं / इंटरमीडिएट (विज्ञान) | भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के साथ। कुल 50% और प्रत्येक विषय में 40% अंक। अथवा 10वीं + 2 वर्ष का ITI डिप्लोमा। |
| अग्निवीर क्लर्क / स्टोर कीपर | 12वीं / इंटरमीडिएट (किसी भी संकाय में) | कला, वाणिज्य या विज्ञान में कुल 60% अंक और प्रत्येक विषय में न्यूनतम 50% अंक। महत्वपूर्ण: 12वीं कक्षा में अंग्रेजी और गणित/अकाउंट्स/बुक कीपिंग का अध्ययन और उसमें 50% अंक अनिवार्य हैं। |
| अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं) | 10वीं पास | कुल प्रतिशत की कोई बाध्यता नहीं, लेकिन प्रत्येक विषय में 33% अंक होना चाहिए। |
| अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं) | 8वीं पास | कुल प्रतिशत की कोई बाध्यता नहीं, लेकिन प्रत्येक विषय में 33% अंक होना चाहिए (हाउस कीपर, मेस कीपर आदि के लिए)। |
| महिला मिलिट्री पुलिस (WMP) | 10वीं / मैट्रिक पास | कुल 45% अंक और प्रत्येक विषय में 33% अंक अनिवार्य। |
अंतर्दृष्टि (Insight): क्लर्क पद के लिए पात्रता सबसे जटिल है। कई छात्र कुल 60% अंक प्राप्त कर लेते हैं लेकिन यदि उनके पास 12वीं में गणित या अकाउंट्स नहीं है, या यदि वे अंग्रेजी में 50% से कम अंक लाते हैं, तो वे अयोग्य घोषित कर दिए जाते हैं। यह एक सामान्य गलती है जिसे उम्मीदवारों को आवेदन करते समय ध्यान में रखना चाहिए।
4. राजस्थान भर्ती क्षेत्र (ZRO जयपुर): जिला-वार विश्लेषण और रणनीति
राजस्थान राज्य, भारतीय सेना के लिए जनशक्ति का एक प्रमुख स्रोत है। यहाँ की भर्ती प्रक्रिया को मुख्यालय भर्ती क्षेत्र (ZRO), जयपुर द्वारा नियंत्रित किया जाता है। 2026 की अधिसूचना के तहत, राजस्थान के पांच प्रमुख AROs के लिए रैलियां आयोजित की जाएंगी। उम्मीदवारों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे अपने अधिवास (Domicile) जिले के अनुसार सही ARO के तहत ही आवेदन करें।
4.1 ARO अधिकार क्षेत्र और जनसांख्यिकीय मानचित्रण
हाल ही में राजस्थान में नए जिलों के गठन के कारण, उम्मीदवारों के बीच अपने ARO को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नीचे दी गई सारणी में आधिकारिक अधिसूचनाओं के आधार पर जिलों का वर्गीकरण किया गया है:
| ARO का नाम | कवर किए गए जिले (Districts Covered) | भर्ती की प्रकृति और क्षेत्रीय विशेषताएं |
|---|---|---|
| ARO जयपुर (मुख्यालय) | जयपुर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, नीम का थाना, दूदू | यह क्षेत्र उच्च प्रतिस्पर्धा वाला है। सीकर और नीम का थाना जैसे ‘शेखावाटी’ क्षेत्र के जिले पारंपरिक रूप से सेना भर्ती के गढ़ माने जाते हैं। यहाँ कट-ऑफ उच्च रहने की संभावना है। |
| ARO झुंझुनू | झुंझुनू, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अनूपगढ़ | झुंझुनू को अक्सर “सैनिकों की खान” कहा जाता है। यहाँ के उम्मीदवारों में शारीरिक मापदंडों को पार करने की उच्च दर देखी जाती है। |
| ARO जोधपुर | जोधपुर, जोधपुर ग्रामीण, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, फलोदी | यह मरुस्थलीय क्षेत्र है। यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियाँ (रेगिस्तानी इलाका) उम्मीदवारों को प्राकृतिक रूप से कठिन परिस्थितियों के अनुकूल बनाती हैं। |
| ARO अलवर | अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, भरतपुर, डीग, धौलपुर | मेवात और ब्रज क्षेत्र का यह हिस्सा अपनी शारीरिक क्षमता के लिए जाना जाता है। यहाँ ‘ट्रेड्समैन’ और ‘जीडी’ पदों के लिए भारी भीड़ होती है। |
| ARO कोटा | कोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़, टोंक, करौली, दौसा, सवाई माधोपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, पाली, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर | यह हाड़ौती और मेवाड़ क्षेत्र को कवर करता है। यहाँ आदिवासी बहुल जिले (जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर) भी शामिल हैं जहाँ विशेष ऊंचाई में छूट लागू हो सकती है। |
4.2 रिक्तियों का वितरण और प्रतिस्पर्धा विश्लेषण
यद्यपि अखिल भारतीय स्तर पर 25,000+ रिक्तियां हैं, लेकिन राजस्थान के कोटे का आधिकारिक तौर पर अलग से उल्लेख नहीं किया गया है। ऐतिहासिक रुझानों के आधार पर, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि राजस्थान, अपनी उच्च जनसंख्या और सैन्य परंपरा के कारण, इन रिक्तियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा (लगभग 8-10%) प्राप्त कर सकता है。
- प्रतिस्पर्धा का स्तर: राजस्थान में प्रति रिक्ति उम्मीदवारों की संख्या राष्ट्रीय औसत से अधिक होती है। विशेषकर ‘सीकर’ और ‘झुंझुनू’ जैसे जिलों में, जहाँ कोचिंग संस्थानों का एक बड़ा नेटवर्क है, उम्मीदवारों की तैयारी का स्तर बहुत ऊँचा होता है। इसलिए, यहाँ के उम्मीदवारों को CEE में सुरक्षित स्थान पाने के लिए राष्ट्रीय औसत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
5. शारीरिक मानक और दक्षता परीक्षण (Physical Standards & PFT)
सेना में चयन के लिए शारीरिक फिटनेस केवल एक योग्यता नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता है। 2026 की भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षणों के अंक ‘जनरल ड्यूटी’ और ‘ट्रेड्समैन’ पदों के लिए अंतिम मेरिट सूची में जोड़े जाते हैं, जिससे इनका महत्व और भी बढ़ जाता है।
5.1 शारीरिक माप परीक्षण (PMT) – राजस्थान क्षेत्र के मानक
राजस्थान, जो कि ‘पश्चिमी मैदानी क्षेत्र’ (Western Plains Region) के अंतर्गत आता है, के लिए शारीरिक मानक हिमालयी क्षेत्रों की तुलना में भिन्न (और अक्सर अधिक) होते हैं।
| पद (Category) | न्यूनतम ऊँचाई (Height) | छाती (Chest) | वजन (Weight) |
|---|---|---|---|
| अग्निवीर जीडी (GD) | 170 सेमी | 77 सेमी (+5 सेमी फुलाव) | ऊँचाई के अनुपात में |
| अग्निवीर टेक्निकल | 170 सेमी | 77 सेमी (+5 सेमी फुलाव) | ऊँचाई के अनुपात में |
| अग्निवीर ट्रेड्समैन | 170 सेमी | 77 सेमी (+5 सेमी फुलाव) | ऊँचाई के अनुपात में |
| अग्निवीर क्लर्क / SKT | 162 सेमी | 77 सेमी (+5 सेमी फुलाव) | ऊँचाई के अनुपात में |
| महिला मिलिट्री पुलिस | 162 सेमी | – | ऊँचाई के अनुपात में |
विशेष छूट (Relaxation): ARO कोटा के तहत आने वाले आदिवासी क्षेत्रों (जैसे उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा के अधिसूचित क्षेत्र) के उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई में छूट का प्रावधान होता है (सामान्यतः 162 सेमी), बशर्ते उनके पास सक्षम अधिकारी द्वारा जारी वैध ‘आदिवासी प्रमाण पत्र’ (ST Certificate) हो।
5.2 शारीरिक दक्षता परीक्षण (PFT) की संरचना
PFT को ‘अग्निवीर जीडी’ और ‘ट्रेड्समैन’ के लिए 100 अंकों का रखा गया है। यह “करो या मरो” वाला चरण है।
1.6 किलोमीटर दौड़ (Run):
- ग्रुप I (5 मिनट 30 सेकंड तक): 60 अंक। यह ‘एक्सीलेंट’ श्रेणी है।
- ग्रुप II (5 मिनट 31 सेकंड से 5 मिनट 45 सेकंड तक): 48 अंक।
- असफलता: 5 मिनट 45 सेकंड से अधिक समय लेने वाले उम्मीदवारों को बाहर कर दिया जाता है।
बीम (Pull Ups):यह ऊपरी शरीर की ताकत का परीक्षण है।
- 10 पुल-अप्स: 40 अंक
- 9 पुल-अप्स: 33 अंक
- 8 पुल-अप्स: 27 अंक
- 7 पुल-अप्स: 21 अंक
- 6 पुल-अप्स: 16 अंक
- 6 से कम: अनुत्तीर्ण (Fail)।
क्वालीफाइंग टेस्ट (केवल पास करना आवश्यक):
- 9 फीट का गड्ढा (9 Feet Ditch): इसे कूदकर पार करना होता है।
- जिग-जैग बैलेंस (Zig-Zag Balance): एक संकरी पट्टी पर संतुलन बनाकर चलना।
महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि: अग्निवीर टेक्निकल और क्लर्क पदों के लिए, PFT केवल ‘क्वालीफाइंग’ प्रकृति का होता है। इसका अर्थ है कि उन्हें दौड़ और पुल-अप्स पास करने होंगे, लेकिन उनके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ेंगे। उनका चयन मुख्य रूप से CEE के अंकों पर आधारित होगा।
6. चयन प्रक्रिया का गहन विश्लेषण: CEE, टाइपिंग और अनुकूलनशीलता
2026 की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता-आधारित बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का भारी उपयोग किया जा रहा है।
6.1 चरण I: ऑनलाइन संयुक्त प्रवेश परीक्षा (CEE) का पाठ्यक्रम और पैटर्न
विभिन्न पदों के लिए CEE का पैटर्न अलग-अलग है, जिसे समझना उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है।
अग्निवीर जीडी / ट्रेड्समैन:
- कुल प्रश्न: 50 (कुल अंक: 100)
- विषय: सामान्य ज्ञान (15 प्रश्न), सामान्य विज्ञान (15 प्रश्न), गणित (15 प्रश्न), लॉजिकल रीजनिंग (5 प्रश्न)।
- पासिंग मार्क्स: 35 अंक। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक। नकारात्मक अंकन (Negative Marking): 0.5 अंक।
अग्निवीर टेक्निकल:
- कुल प्रश्न: 50 (कुल अंक: 200)
- विषय: सामान्य ज्ञान (10), गणित (15), भौतिकी (15), रसायन विज्ञान (10)।
- अंकन: प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक। नकारात्मक अंकन: 1 अंक। यह विज्ञान के छात्रों के लिए उच्च स्तरीय परीक्षा है।
अग्निवीर क्लर्क / स्टोर कीपर:
- कुल प्रश्न: 50 (कुल अंक: 200)
- विषय: भाग I – सामान्य ज्ञान (5), विज्ञान (5), गणित (10), कंप्यूटर विज्ञान (5)। भाग II – सामान्य अंग्रेजी (25)।
- महत्वपूर्ण: अंग्रेजी विषय में पास होना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का है। नकारात्मक अंकन: 1 अंक।
6.2 नया अतिरिक्त परीक्षण: क्लर्क के लिए टाइपिंग टेस्ट
2026 चक्र में एक बड़ा बदलाव अग्निवीर क्लर्क / SKT उम्मीदवारों के लिए टाइपिंग टेस्ट की शुरूआत है।
- प्रक्रिया: यह परीक्षण ऑनलाइन CEE के साथ ही आयोजित किया जाएगा।
- मानक: अंग्रेजी में 30 शब्द प्रति मिनट (wpm) की गति अनिवार्य है।
- प्रभाव: यह सुनिश्चित करता है कि चयनित उम्मीदवार सेवा में शामिल होने के पहले दिन से ही कंप्यूटर कार्यों के लिए तैयार हों। जो उम्मीदवार केवल रटने में अच्छे हैं लेकिन टाइपिंग नहीं जानते, वे अब इस पद के लिए अयोग्य होंगे।
6.3 चरण II का ‘गेम-चेंजर’: अनुकूलनशीलता परीक्षण (Adaptability Test)
पिछले चक्रों के अनुभवों से सीखते हुए, सेना ने अनुकूलनशीलता परीक्षण को अनिवार्य कर दिया है। इसे रैली स्थल पर आयोजित किया जाता है।
- उद्देश्य: यह जाँचने के लिए कि क्या उम्मीदवार सैन्य जीवन के तनाव, अनुशासन और कठिन वातावरण के अनुकूल हो सकता है या नहीं।
- प्रारूप: यह एक मनोवैज्ञानिक/व्यवहारिक मूल्यांकन है। इसे स्मार्टफोन या टैबलेट पर आयोजित किया जा सकता है।
- महत्व: यह एक ‘नॉक-आउट’ राउंड है। यदि कोई उम्मीदवार शारीरिक रूप से कितना भी फिट क्यों न हो और CEE में कितने भी अंक प्राप्त किए हों, यदि वह इस टेस्ट में फेल होता है, तो उसे तत्काल अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
7. बोनस अंक और वरीयता प्रणाली
अंतिम मेरिट सूची में जगह बनाने के लिए बोनस अंक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। 2026 की अधिसूचना में निम्नलिखित बोनस प्रावधान हैं:
- NCC प्रमाण पत्र:
- NCC ‘A’: 05 अंक
- NCC ‘B’: 10 अंक
- NCC ‘C’: 20 अंक (जीडी/क्लर्क/टेक के लिए)।
- NCC ‘C’ + गणतंत्र दिवस परेड (RDC): 25 अंक।
- ITI / डिप्लोमा (केवल टेक्निकल के लिए):
- 10वीं/12वीं + 2 साल का ITI: 40 अंक।
- 12वीं + डिप्लोमा: 50 अंक। यह तकनीकी छात्रों के लिए एक बड़ा लाभ है।
- खेल (Sports): अंतर्राष्ट्रीय से लेकर जिला स्तर तक के खिलाड़ियों के लिए 20 से 5 अंकों तक का प्रावधान है।
रणनीतिक टिप: राजस्थान के उम्मीदवारों को अपने NCC और खेल प्रमाण पत्रों को अद्यतन और सत्यापित रखना चाहिए, क्योंकि 1-2 अंक भी मेरिट में बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।
8. प्रतिस्पर्धी वेबसाइटों का विश्लेषण और सूचना अंतराल (Gap Analysis)
लोकप्रिय वेबसाइटों (जैसे studygovthelp.in, sarkariresult.com) का विश्लेषण करने पर कुछ महत्वपूर्ण सूचना अंतरालों (Information Gaps) का पता चलता है, जिन्हें यह रिपोर्ट पूरा करती है:
- टाइपिंग टेस्ट की स्पष्टता: अधिकांश साइटें केवल टाइपिंग टेस्ट का उल्लेख करती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं करतीं कि यह चरण 1 (CEE) के दौरान ही होगा। यह रिपोर्ट पुष्टि करती है कि यह CEE का हिस्सा है।
- अनुकूलनशीलता परीक्षण का विवरण: प्रतिस्पर्धी साइटें अक्सर इस नए टेस्ट को नजरअंदाज करती हैं। हमने इसके ‘क्वालीफाइंग’ स्वभाव और ‘नॉक-आउट’ प्रभाव को स्पष्ट किया है।
- जिला-वार ARO मैपिंग: राजस्थान के नए जिलों (जैसे अनूपगढ़, फलोदी) के गठन के बाद, उम्मीदवार अक्सर भ्रमित रहते हैं। हमने नए जिलों को उनके संबंधित ARO के साथ मैप किया है (उदा. अनूपगढ़ -> ARO झुंझुनू/बीकानेर क्षेत्र, नीम का थाना -> ARO जयपुर)।
- नकारात्मक अंकन का विवरण: क्लर्क और जीडी के लिए अलग-अलग नकारात्मक अंकन (1 अंक बनाम 0.5 अंक) का स्पष्टीकरण अक्सर अन्य स्रोतों में नहीं मिलता है।
9. आवेदन प्रक्रिया और सामान्य त्रुटियाँ
सफल आवेदन चयन की दिशा में पहला कदम है। joinindianarmy.nic.in पर आवेदन करते समय निम्नलिखित बिंदुओं का ध्यान रखना अनिवार्य है:
9.1 चरण-दर-चरण आवेदन गाइड
- पंजीकरण: आधार कार्ड का उपयोग करके वेबसाइट पर पंजीकरण करें। आधार में नाम और जन्म तिथि वही होनी चाहिए जो 10वीं की मार्कशीट में है।
- लॉगिन: उपयोगकर्ता नाम (ईमेल) और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें।
- प्रोफ़ाइल: अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।
- पोस्ट चयन: अपनी योग्यता के अनुसार सही ट्रेड (GD/Tech/Clerk) का चयन करें।
- दस्तावेज़ अपलोड: निर्धारित आकार (10-20 KB) में फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। फोटो की पृष्ठभूमि सफेद होनी चाहिए।
- शुल्क भुगतान: 250 रुपये का भुगतान करें और रसीद प्रिंट करें।
9.2 सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए
- आधार-मैट्रिक बेमेल: यदि आधार और मार्कशीट में नाम/जन्म तिथि में अंतर है, तो आवेदन रद्द हो सकता है। सुधार पहले ही करवा लें।
- गलत फोटो: पुरानी, धुंधली, या रंगीन पृष्ठभूमि वाली फोटो अपलोड करना। लाइव फोटो कैप्चर के दौरान भी स्पष्ट रोशनी होनी चाहिए।
- गलत ARO: अपने अधिवास जिले के अलावा किसी अन्य ARO में आवेदन न करें। यह रैली के दौरान दस्तावेज़ सत्यापन में पकड़ लिया जाएगा और उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
- हस्ताक्षर: परीक्षा के समय और आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर मेल खाने चाहिए।
10. निष्कर्ष
भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती 2026 केवल एक नौकरी का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक प्रतिष्ठित मंच है। 25,000 रिक्तियों के साथ, यह राजस्थान और पूरे भारत के युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है। 2026 का चक्र तकनीकी दक्षता (टाइपिंग टेस्ट) और मानसिक दृढ़ता (अनुकूलनशीलता टेस्ट) पर अधिक जोर देता है। राजस्थान के उम्मीदवारों को विशेष रूप से अपनी शारीरिक क्षमता के साथ-साथ CEE की तैयारी पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा, क्योंकि क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत तीव्र है। 13 फरवरी से 01 अप्रैल 2026 की समयसीमा का कड़ाई से पालन करें और एक त्रुटिहीन आवेदन सुनिश्चित करें।
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